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अनुसंधान कार्यक्रम

Research\r\n

भारत में कैंसर विज्ञान की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए, सामान्य कोशिकाओं को मैलिग्नेंट (हानिकारक) में परिवर्तित होने के लिए प्रभावित करने वाले जीवन शैली के व्यवहार, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के प्रति हमारी समझ को परिभाषित करने के लिए अनुसंधान की आवश्यकता है। मौलिक, नैदानिक एवं कैंसर नियंत्रण महामारी विज्ञान अनुसंधान संचालित करने के लिए समर्पित यह संस्थान भारत में प्रचलित कैंसरों के कारणों एवं प्रक्रिया को समझने में हमारी सहायता करेगा। यह ज्ञान कैंसर संबंधी मामलों को शुरुआत में ही ज्यादा प्रभावी और दक्षतापूर्वक रोकने, पहचान करने और उपचार करने हेतु कार्यनीतियाँ बनाने के लिए हमें सुविधा प्रदान करेगा। कैंसर की बेहतर जानकारी कैंसर की देखभाल सेवाओं की गुणवत्ता और जीवित कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करेगी।

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संस्थान देश में कैंसर से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए शीर्ष संस्थान होगा और देश में सभी आरसीसीएस और अन्य कैंसर केन्द्रों/संस्थानों से संयोजन रखेगा। प्रमुख कैंसर केंद्र के रूप में एन.सी.आई. अणुजैविकी, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, कैंसर महामारी विज्ञान, विकिरण कैंसर विज्ञान, कैंसर के टीके इत्यादि में मौलिक एवं प्रायोगिक अनुसंधान करेगा।

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यह विकासशील विश्व और नई चिकित्सा पद्धतियों के लिए मॉडल कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम विकसित करेगा। एन.सी.यू. ऐलोपैथिक पद्धति के अतिरिक्त, भारत में ऐतिहासिक रूप से उपलब्ध औषध प्रणाली की वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की खोज करेगा। यह कैंसर के शीर्ष केंद्र संसाधन के रूप में कार्य करेगा। एन.सी.आई. अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रख्यात कैंसर संस्थान के साथ मिलकर कार्य करेगा।

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संस्थान में कैंसर की देखभाल की अत्याधुनिक तृतीयक सुविधा के साथ साथ अनुसंधान एवं विकास करना, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण होगा। अनुसंधान के लिए शोध प्रस्ताव आमंत्रित किये जाएँगे।

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एनसीआई की स्थापना से शल्य, विकिरण, चिकित्सीय, सामुदायिक कैंसर विज्ञान, और प्रशामक उपचार इत्यादि में समग्र रूप से कैंसर की देखभाल की सुविधा मिलेगी। संस्थान में अनुसंधान एवं विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की सुविधाएँ होंगी। वहाँ महामारी विज्ञान, जैव सांख्यिकी, कोशिका जैविकी, अणुजैविकी, आनुवंशिक विज्ञान, रोगजनन, कैंसर जाँच इत्यादि सहित अनेक क्षेत्रों में शोधकर्ता होंगे। संस्थान में कैंसर विज्ञान नर्सिंग पर भी पाठ्यक्रम होगा। सभी प्रस्तावित सुविधाएँ एवं क्षमताएँ अंतर्राष्टीय मानकों के अनुकूल होंगी।

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