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शोधकर्ता सहायता

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एनसीआई-एम्स में युवा बायोमेडिकल वैज्ञानिकों के सहायता के लिए अवसर

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विशेष रूप से जो विदेशों में प्रशिक्षित हुए और अपने देश लौटने की इच्छा रखते हैं।

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रामालिंगस्वामी जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) की पुनः-प्रवेश फैलोशिप

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इस योजनाकी अवधारणा जैव प्रौद्योगिकी (कृषि, स्वास्थ्य विज्ञान, जैव-इंजीनियरिंग, ऊर्जा, पर्यावरण, जैव सूचना विज्ञान और अन्य संबंधित क्षेत्रों) के विभिन्न अत्याधुनिक अनुशासित विषयों में काम करने वाले अत्यधिक कुशल शोधकर्ताओं (भारतीय नागरिकों) को आकर्षित करने के उद्देश्य से की गई है, जहां उनको भारतीय संस्थानों में अपने आर एंड डी के हितों/ रुचि को आगे बढ़ाने के लिए एक आकर्षक अवसर प्रदान किया जाएगा।

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड

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रामानुजन फैलोशिप : यह फेलोशिप भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान पदों के लिए दुनिया भर के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए है, यानी उन वैज्ञानिकों के लिए जो विदेश से भारत लौटना चाहते हैं। यह फेलोशिप वैज्ञानिक-विशेषक और बहुत ही चयनात्मक है। रामानुजन फैलो देश के किसी भी वैज्ञानिक संस्थान और विश्वविद्यालय में काम कर सकते हैं तथा वे भारत सरकार के विभिन्न एस एंड टी एजेंसियों के बाह्य-वित्त पोषण योजनाओं के माध्यम से नियमित शोध अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे।

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वेलकम ट्रस्ट / डीबीटी एलायंस

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वेलकम ट्रस्ट / डीबीटी इंडिया एलायंसएक £ 160 मिलियन की पहल है जो कि वेलकम ट्रस्ट, यूके और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत द्वारा समान रूप से वित्त-पोषित है। इस क्षेत्र में भविष्य के दिग्गजों को सहायता देकर भारतीय जैव चिकित्सा वैज्ञानिक समुदाय के क्षेत्र में उत्कृष्टता लाना भारत एलायंस का व्यापक उद्देश्य है।

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